प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पांच राज्यों में फैले सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला से जुड़े परियोजनाओं की समीक्षा की. इन परियोजनाओं की कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है, प्रगति की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सुधारों की गति बनाए रखने और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रगति एक अत्यंत आवश्यक मंच है. प्रगति के माध्यम से राष्ट्र हित में लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि जब फैसला समय पर लिए जाते हैं, समन्वय प्रभावी होता है और जवाबदेही तय होती है, तो सरकार के कामकाज की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ती है और उसका प्रत्यक्ष प्रभाव नागरिकों के जीवन में दिखाई देता है.
2014 से अब तक प्रगति के तहत की गई 377 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक के दौरान प्रगति (PRAGATI) के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा लागत की परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बड़े पैमाने पर प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को समर्थन दिया है.
During today’s PRAGATI session, reviewed critical infra projects worth Rs. 40,000 crore. These works cover sectors like roads, railways, power, water and coal. Also reviewed aspects relating to the PM SHRI scheme, which is essential for a vibrant education system in our nation.…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 31, 2025
उन्होंने कहा कि साल 2014 से अब तक प्रगति के तहत 377 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई है. इन प्रोजेक्ट्स में चिह्नित 3,162 मुद्दों में से 2,958 यानी करीब 94 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है. इससे प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी, लागत में बढ़ोत्तरी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी में उल्लेखनीय कमी आई है.
पीएम श्री योजना को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री (PM SHRI) योजना की समीक्षा के दौरान जोर देते हुए कहा कि यह योजना समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय बेंचमार्क बने. उन्होंने कहा कि इसका क्रियान्वयन सिर्फ बुनियादी ढांचे पर केंद्रित न होकर आउटकम ओरिएंटेड होना चाहिए.
इस दौरान पीएम मोदी ने सभी मुख्य सचिवों से पीएम श्री योजना की नजदीकी से निगरानी करने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि पीएम श्री स्कूलों को राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए आदर्श बनाया जाए. उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी क्षेत्रीय दौरे कर पीएम श्री स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करें.
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