वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में टीमों की संख्या बढ़कर 9 से 12 होने वाली है. WTC के 2025-2027 चक्र में 9 ही टीम भाग ले रही हैं, लेकिन 2027 के बाद टीमों की संख्या बढ़कर 12 हो सकती है. इससे अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और आयरलैंड जैसी टीमों को ज्यादा टेस्ट मैच खेलने को मिल पाएंगे. दूसरी ओर पिछले एक साल से दो डिवीजन वाले फॉर्मेट पर लगातार चर्चा चलती रही हैं. ईएसपीएन क्रिकइन्फो की एक रिपोर्ट अनुसार आईसीसी की हालिया मीटिंग में 2 डिवीजन वाले फॉर्मेट पर सहमति नहीं बन पाई है.
ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक आईसीसी की हालिया बैठक में 2 डिवीजन वाले फॉर्मेट पर चर्चा हुई थी, लेकिन फंडिंग मॉडल और टॉप टीमों के साथ खेलने के कम अवसरों के कारण इस फॉर्मेट पर सहमति नहीं बन पाई है.
न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर रोजर ट्रूज आईसीसी द्वारा गठित एक कार्यसमिति का नेतृत्व कर रहे थे. पूर्वकथित कुछ मुद्दों के अलावा टीम प्रमोशन की प्रणाली पर भी सहमति नहीं बन पाई है. टॉप-3 टीमों में से किसी एक टीम को दूसरे डिवीजन में डाल दिया जाता है, तो वे एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खेल पाएंगी. यह समस्या अगस्त में ECB के सीईओ रिचर्ड थॉमप्सन ने सामने रखी थी.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 टीमों को लाने का फैसला सकारात्मक हो सकता है. सभी 12 टीमों को पूरे WTC चक्र में एक निश्चित संख्या में मैच खेलने होंगे. हालांकि किसी मैच की मेजबानी करने वाले देश को अतिरिक्त धनराशि आवंटित नहीं की जाएगी.
वहीं तीन बड़े देशों से धनराशि का विकेंद्रीकरण शुरू नहीं हो पाया, लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अफगानिस्तान और आयरलैंड जैसे देश एक निश्चित संख्या में टेस्ट मैच खेल पाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक ICC में एक बोर्ड डायरेक्टर ने कहा कि इस मॉडल से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि हर देश को टेस्ट क्रिकेट खेलने का अवसर मिले.
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