भारत में इस समय चांदी की कीमतों ने निवेशकों और आम लोगों दोनों को चौंका दिया है. 9 जनवरी 2026 को चांदी का भाव औसतन 2,54,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. इससे पहले ऐसा माना जाता था कि सिर्फ सोने के दाम ही रिकॉर्ड बनाते हैं, लेकिन अब चांदी भी उसी राह पर चल पड़ी है.
बीते कुछ वर्षों में महंगाई, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है. पहले यह भरोसा केवल सोने पर था, लेकिन अब चांदी भी Safe Investment के रूप में उभर रही है. यही वजह है कि औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश मांग भी तेजी से बढ़ी है.
क्या आप जानते हैं? इन देशों में भारत से काफी सस्ती है चांदी
ज्यादातर लोग जानते हैं कि दुबई में सोना सस्ता मिलता है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि दुनिया के कई देशों में चांदी भारत से कहीं सस्ती है. इस लिस्ट में चिली सबसे ऊपर है. चांदी की कीमत के मामले में चिली दुनिया में सबसे सस्ता देश माना जाता है.
चिली और रूस में 1 किलो चांदी कितने की?
Gold broker की रिपोर्ट के मुताबिक चिली में चांदी के दाम भारत से 30 से 40 हजार रुपये प्रति किलो तक कम हैं. चिली चांदी उत्पादन के बड़े केंद्रों में शामिल है, जिससे वहां कीमतें कम रहती हैं. दूसरे नंबर पर रूस आता है, जहां चांदी भारत के मुकाबले 20 से 30 हजार रुपये प्रति किलो सस्ती मिलती है.
चीन में भी मिलती है सस्ती चांदी
स्थानीय उत्पादन और कम टैक्स इसकी बड़ी वजह है. तीसरे स्थान पर चीन है. Silver price की रिपोर्ट के मुताबिक यहां 1 किलो चांदी की कीमत 2 लाख 21 हजार है, जो भारत से काफी कम हैं, क्योंकि चीन खुद चांदी का बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है. भारत इस सूची में चौथे स्थान पर आता है. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, अर्जेंटीना, बोलीविया, मैक्सिको, पुर्तगाल और अमेरिका जैसे देशों का नंबर आता है.
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