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अमेरिका का ग्रीनलैंड पर सैन्य कदम कब? ट्रंप ने खुद किया बड़ा खुलासा

Donald Trump on Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अपने इरादे एक बार फिर सार्वजनिक रूप से दोहराए हैं. उन्होंने यूरोपीय देशों, विशेष रूप से डेनमार्क, को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अमेरिका की मांगों का विरोध जारी रखा तो उन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाएंगे. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने सख्त रुख को चीन और रूस से उत्पन्न कथित सुरक्षा खतरों से भी जोड़ा है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उन्हें नजरअंदाज किए जाने के बाद अब उन्हें सिर्फ शांति के बारे में सोचने की कोई बाध्यता नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि जब तक वॉशिंगटन का ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक दुनिया सुरक्षित नहीं रह सकती.

बल प्रयोग पर साधी चुप्पी

ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने के लिए वह सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे या नहीं. डेनमार्क के साथ बातचीत विफल रहने के बाद भी इस मुद्दे पर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है. एनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए बल प्रयोग करेंगे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने केवल इतना कहा, “नो कमेंट.”

यूरोप को यूक्रेन युद्ध पर ध्यान देने की नसीहत

ट्रंप ने कहा कि यूरोप को ग्रीनलैंड के बजाय रूस-यूक्रेन युद्ध पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. उन्होंने कहा, “यूरोप को रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि सच कहें तो आपने देख लिया है कि इससे उन्हें क्या मिला है.’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘यूरोप को इसी मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए, ग्रीनलैंड पर नहीं.’

डेनमार्क सहित आठ देशों पर टैरिफ का ऐलान

दबाव की रणनीति को और तेज करते हुए ट्रंप ने पिछले शनिवार को घोषणा की कि जब तक ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक डेनमार्क और सात अन्य यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाया जाएगा. डेनमार्क पर 10 प्रतिशत और अन्य सात देशों पर सात प्रतिशत टैरिफ लागू होगा.

नोबेल न मिलने से जोड़ा नीति में बदलाव

ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे को लिखे एक पत्र में कहा कि नोबेल समिति द्वारा उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार न दिए जाने के फैसले के बाद वैश्विक मामलों को लेकर उनका नजरिया बदल गया है. पत्र में उन्होंने लिखा कि अब वह “सिर्फ शांति के बारे में सोचने का कोई दायित्व महसूस नहीं करते क्योंकि नॉर्वे ने उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया. नॉर्वे भी उन देशों में शामिल है जिन पर नए टैरिफ लगाए गए हैं, जो 1 फरवरी से लागू होंगे.

नोबेल समिति पर नॉर्वे के नियंत्रण का दावा

ट्रंप ने इस दावे को खारिज कर दिया कि नॉर्वे सरकार का नोबेल शांति पुरस्कार समिति के फैसलों पर कोई नियंत्रण नहीं होता. एनबीसी न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा, “नॉर्वे पूरी तरह इसे नियंत्रित करता है, चाहे वे कुछ भी कहें. वे कहते हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सब कुछ उन्हीं के हाथ में है.” अपने बयान के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मुझे नोबेल पुरस्कार की कोई परवाह नहीं है.”

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