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‘1240 करोड़ रुपये का इजाफा’ बजट 2026 में, मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया रही मिश्रित

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश किया। इस बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए किए गए वित्तीय प्रावधानों को लेकर मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ संगठनों ने बजट में हुई बढ़ोतरी का स्वागत किया है, वहीं कई नेताओं ने इसे जरूरत के मुकाबले अपर्याप्त बताया है।

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने जताई संतुष्टि, लेकिन रखी शर्त

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने अल्पसंख्यकों के लिए बजट में 1240 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को उत्साहजनक कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए पिछले संशोधित अनुमान की तुलना में अधिक आवंटन किया गया है, जो सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अक्सर बजट का वास्तविक लाभ शिया समुदाय तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में सरकार को एक प्रभावी व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे सभी अल्पसंख्यक वर्गों को समान रूप से इसका फायदा मिल सके।

AIMPLB ने बजट बढ़ोतरी को बताया नाकाफी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों की आबादी और उनकी शैक्षिक जरूरतों को देखते हुए बजट में और अधिक बढ़ोतरी होनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती या समाप्ति को देखते हुए इस बार की बढ़ोतरी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। उनके मुताबिक, अल्पसंख्यकों के लिए रोजगार, उच्च शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी अधिक महत्वाकांक्षी योजनाओं की आवश्यकता है।

शैक्षिक सशक्तीकरण पर जोर

जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने बजट में अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए किए गए प्रावधानों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में 832 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन एक सकारात्मक पहल है।

‘बेहतर योजना से हो बजट का उपयोग’

मौलाना काब रशीदी ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए कुल 3400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले संशोधित अनुमान से करीब 1240 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने जोर दिया कि जरूरत इस बात की है कि बजट का इस्तेमाल ठोस योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ किया जाए, ताकि इसका पूरा लाभ अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच सके।

बजट आवंटन के तहत अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए 831.7 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं के लिए कुल 1,197.97 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है।

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