कई लोग सुबह उठते ही कंधे में दर्द, पीठ में जकड़न या पैरों में भारीपन महसूस करते हैं, जबकि उन्होंने कोई भारी काम या एक्सरसाइज नहीं की होती। न कोई चोट लगी होती है और न ही ज्यादा शारीरिक मेहनत हुई होती है। फिर भी शरीर थका-थका और दर्द से भरा महसूस होता है। आजकल यह समस्या काफी आम हो गई है।
ऐसा क्यों होता है?
दर्द हमेशा मांसपेशियों पर दबाव के कारण नहीं होता।
लंबे समय तक बैठना, नींद पूरी न होना, तनाव और असंतुलित खानपान शरीर में हल्की सूजन (इंफ्लेमेशन) पैदा कर सकते हैं।
यह सूजन मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द या थकान का कारण बनती है।
एक्सपर्ट की राय
तनाव: लंबे समय तक बना तनाव शरीर पर गहरा असर डालता है। शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे मसल्स लगातार तनाव में रहते हैं। इसका असर गर्दन, कंधों और पीठ में दर्द के रूप में दिख सकता है।
नींद की कमी: गहरी नींद में ही शरीर अपनी मरम्मत करता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है। नींद पूरी न होने पर यह प्रक्रिया अधूरी रहती है, जिससे सुबह उठते ही दर्द या थकान महसूस होती है।
खानपान: प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर और अनहेल्दी फैट्स शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। फल, सब्जियां, मेवे, बीज और ओमेगा-3 से भरपूर भोजन सूजन कम करने और मसल्स को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
दर्द कम करने के उपाय
नियमित हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करें।
पर्याप्त और गुणवत्ता वाली नींद लें।
संतुलित आहार अपनाएं।
तनाव कम करने वाली गतिविधियों जैसे मेडिटेशन, योग या गहरी साँस लेने का अभ्यास करें।
अगर दर्द कई हफ्तों तक बना रहे या अन्य लक्षण भी दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
नोट: यह जानकारी रिसर्च स्टडी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
Super Fast Times
