अगर आप रोजाना कुछ मिनट ऐसी कसरत करते हैं, जिससे आपकी सांस तेज हो जाए या हल्की-सी फूलने लगे, तो यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। European Heart Journal में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, तेज (विगोरस) फिजिकल एक्टिविटी कई गंभीर बीमारियों और समय से पहले मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
स्टडी के अनुसार, तेज चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना या तेजी से घरेलू काम करना जैसी गतिविधियां शरीर पर सकारात्मक असर डालती हैं। इसके लिए घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं होती, बल्कि दिनभर के छोटे-छोटे एक्टिव मूवमेंट भी असरदार हो सकते हैं।
रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक Minxue Shen के अनुसार, जब व्यक्ति इतनी तेजी से एक्टिव होता है कि उसकी सांस फूलने लगे, तो दिल अधिक प्रभावी तरीके से खून पंप करता है, रक्त वाहिकाएं लचीली बनती हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर उपयोग करने लगता है।
इस अध्ययन में करीब 96 हजार लोगों को शामिल किया गया, जिनकी गतिविधियों को एक विशेष डिवाइस के जरिए रिकॉर्ड किया गया और लगभग सात वर्षों तक उनकी सेहत पर नजर रखी गई। नतीजों में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से तेज कसरत करते थे, उनमें कई बीमारियों का खतरा काफी कम था।
- डिमेंशिया का खतरा करीब 63% तक कम
- टाइप-2 डायबिटीज का खतरा लगभग 60% तक कम
- समय से पहले मौत का खतरा करीब 46% तक कम
शोध में यह भी सामने आया कि अलग-अलग बीमारियों पर कसरत का असर अलग तरीके से पड़ता है। जैसे सूजन से जुड़ी बीमारियों (आर्थराइटिस, सोरायसिस) में एक्सरसाइज की तीव्रता ज्यादा अहम होती है, जबकि डायबिटीज और लिवर संबंधी समस्याओं में मात्रा और तीव्रता दोनों मायने रखती हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि हर व्यक्ति के लिए तेज कसरत उपयुक्त नहीं होती। खासकर बुजुर्गों या पहले से बीमार लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें।
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