ईरान ने अपने ठिकानों पर हो रहे अमेरिकी हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है तथा इसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा माना जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन नहीं किया है। तेहरान का आरोप है कि हालिया सैन्य कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के विपरीत है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाए।
अपने बयान में ईरान ने चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघनों पर वैश्विक संस्थाएं प्रभावी कदम नहीं उठाती हैं, तो इसके दूरगामी परिणाम पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकते हैं।
इसके अलावा ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों से भी आग्रह किया कि उनकी भूमि का उपयोग किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए न होने दिया जाए। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा केवल आपसी सहयोग, संवाद और विश्वास के माध्यम से ही संभव है, न कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप से।
Super Fast Times
