पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को लेकर प्रकाशित एक रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई शब्दावली पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने स्पष्ट किया कि “पाकिस्तानी कश्मीर” जैसी कोई मान्यता प्राप्त अवधारणा नहीं है और संबंधित क्षेत्र भारत का अभिन्न एवं अविभाज्य हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।
यह प्रतिक्रिया एक अमेरिकी समाचार पत्र की उस रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालिया विरोध प्रदर्शनों और स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में क्षेत्र का उल्लेख ऐसे शब्दों में किया गया, जिस पर भारत ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित क्षेत्र को केवल “पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK)” कहा जाना चाहिए। भारत ने कहा कि इस क्षेत्र पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और किसी अन्य शब्दावली का प्रयोग वास्तविक स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है।
भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि पाकिस्तान न केवल इस क्षेत्र पर अवैध कब्जा बनाए हुए है, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के साथ दमनकारी रवैया भी अपनाया जा रहा है। बयान में आरोप लगाया गया कि स्थानीय नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है और विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है।
हाल के महीनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारी विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय प्रतिनिधित्व और अधिकारों की मांग उठा रहे हैं। कुछ घटनाओं में हिंसा और जानमाल के नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं।
भारत का कहना है कि वहां जारी जन आंदोलन आर्थिक कठिनाइयों, प्रशासनिक नीतियों और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों का परिणाम हैं। भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वास्तविक स्थिति को सही संदर्भ में प्रस्तुत किया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रामक शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
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