नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रिश्तों में सुधार के संकेत दिखाई दिए हैं। पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था, लेकिन BRICS सम्मेलन के दौरान हुई उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद तेहरान और अबू धाबी के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि दोनों देश पिछली घटनाओं को पीछे छोड़कर भविष्य पर ध्यान देना चाहते हैं और आपसी सहयोग के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।
BRICS सम्मेलन में हुई अहम मुलाकात
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने 12 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की थी।
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच यह अब तक की सबसे उच्चस्तरीय बैठकों में से एक रही। मुलाकात के अगले दिन ईरानी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर सकारात्मक बयान दिया।
‘बीती बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं’
पेजेशकियान ने कहा कि युद्ध और फारस की खाड़ी में पैदा हुए हालात के बाद पहली बार उनकी UAE के क्राउन प्रिंस के साथ रचनात्मक बातचीत हुई।
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि पुरानी घटनाओं को पीछे छोड़ते हुए भविष्य की ओर देखा जाए। दोनों देश मिलकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना चाहते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
संघर्ष के बाद बढ़ा था ईरान-UAE तनाव
इस साल फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य संघर्ष की स्थिति पैदा हुई थी। इसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया था, जिसका असर UAE पर भी पड़ा।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों पर भी असर पड़ा। UAE ने अगस्त में ईरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेनदेन को निलंबित करने की घोषणा की थी।
ऐसे समय में BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात और उसके बाद ईरानी राष्ट्रपति का सकारात्मक बयान कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश
पेजेशकियान के बयान से संकेत मिलता है कि ईरान और UAE अब तनावपूर्ण दौर से आगे निकलकर द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
दोनों देशों के बीच व्यापार, वित्तीय सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में शीर्ष स्तर की बातचीत आगे बढ़ने से आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में और नरमी आने की संभावना बन सकती है।
BRICS के मंच पर दिखी पश्चिम एशिया की नई तस्वीर
नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति भी महत्वपूर्ण चर्चा का विषय रही।
इसी दौरान ईरान और UAE के नेताओं की बैठक ने खास ध्यान खींचा। संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच इस स्तर की बातचीत को क्षेत्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि, दोनों देशों के संबंध पूरी तरह सामान्य होने में अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं। लेकिन शीर्ष नेताओं के बीच हुई रचनात्मक बातचीत से यह संकेत जरूर मिला है कि तेहरान और अबू धाबी टकराव के बजाय बातचीत के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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