सीएमओ सुनील पाण्डेय ने शुभारंभ किया।
गाजीपुर में कई सालों से बनी ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग को अब तक दवाओं के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। शासन के निर्देश पर सीएमओ सुनील पाण्डेय ने बिना बुनियादी सुविधाओं के ही ट्रामा सेंटर का उद्घाटन कर दिया है।
ट्रामा सेंटर में 15 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां 9 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इनमें दो ऑर्थोपेडिक सर्जन, दो जनरल सर्जन, दो एनेस्थेटिस्ट और तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर्स शामिल हैं। सभी डॉक्टर 8-8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे।
बुनियादी सुविधाएं न होने पर मेडिकल कॉलेज से सहयोग लिया जाएगा।
ट्रामा सेंटर में 15 बेड की व्यवस्था की गई है।
बुनियादी सुविधाएं नहीं सीएमओ के अनुसार, ट्रामा सेंटर में अभी एक्स-रे मशीन और सीटी स्कैन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज के अस्पताल से सहयोग लिया जाएगा। मरीजों को प्रारंभिक उपचार यहां दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेज से इलाज में सहयोग लिया जाएगा।
24 घंटे रहेगी सुविधा ट्रामा सेंटर को पहले तीन महीने ट्रायल के तौर पर चलाया जाएगा। इस दौरान जरूरी सामान और अन्य सुविधाओं को जोड़ा जाएगा। सेंटर 24 घंटे और सातों दिन खुला रहेगा। गर्मी के मौसम में जब जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बेड की कमी होगी, तब यहां के बेड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल अधूरी सुविधाओं के साथ जल्दबाजी में शुरू किए गए इस ट्रामा सेंटर को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।