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मुनीर के बाद अब पाकिस्तान एयरफोर्स प्रमुख भी ट्रंप से मदद की आस लिए पहुंचे, अमेरिका से इन हथियारों की आपूर्ति की कर रहे हैं मांग।

Pakistan Air Force Chief US Visit: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेड इन इंडिया हथियारों ने दुनियाभर में चीन की मिसाइलों की पोल खोल दी. पाकिस्तान की ओर से इस्तेमाल की गई चीनी मिसाइलों को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही तबाह कर दिया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की समझ में आ गया कि भारत की ताकत के सामने चीनी हथियार फुस्स पटाखा निकले. यही कारण है कि पाकिस्तान अब हथियार के लिए अमेरिका से आस लगाकर बैठा है.

पाकिस्तानी एयरफोर्स (PAF) चीफ जहीर अहमद बाबर सिद्धू रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए अमेरिका दौरे पर हैं. एक दशक बाद किसी पाकिस्तानी एयरफोर्स चीफ का अमेरिका दौरा है. इससे पहले फील्ड मार्शन आसिम मुनीर ने भी अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच पर मीटिंग की थी.

अमेरिका के फाइटर जेट समेत इन हथियारों पर PAK की नजर

पाकिस्तानी एयरफोर्स चीफ ने अमेरिकी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड एल्विन सहित वहां के टॉप अधिकारियों और नेताओं से मुलाकात की. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी हथियारों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होने के बाद पाकिस्तान अपनी वायु सेना की ताकत को बढ़ाने के लिए F-16 ब्लॉक 70 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम सहित कई एडवांस अमेरिकी हथियार खरीदने पर विचार कर रहा है.

इस मिसाइल को पाने की कोशिश में लगा है पाकिस्तान

पाकिस्तान AIM-7 स्पैरो हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, अमेरिका में निर्मित हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) की बैटरियां पाने की कोशिश में भी लगा हुआ है. चीन की तरफ से पाकिस्तान को सप्लाई किए गए डिफेंस सिस्टम को भेदकर भारत ने उसके सैन्य ठिकानों को तबाह किया. भारत ने चीन के HQ-9P और HQ-16 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था.

पहले पाकिस्तान के थल सेना प्रमुख और फिर एयरफोर्स चीफ का दौरा इस बात की गवाही देता है कि चाहे पाकिस्तान चीन की कितनी भी तारीफ करे, लेकिन हथियार के मामले में वह अमेरिका पर ही भरोसा करता है. पिछले एक दशक में पाकिस्तान जिस तरह से चीन के साथ घनिष्ठता बढ़ा रहा है, उससे अमेरिकी सैन्य अधिकारी और राजनेता उससे नाखुश भी हैं.

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