पहाड़ों की तलहटी में बसे सहारनपुर जिले में बीते पांच दिनों से घना कोहरा और कुहासा छाया हुआ है। लगातार धूप न निकलने के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और शीतलहर ने जनजीवन को खासा प्रभावित कर दिया है। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले पांच दिनों से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए हैं, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सोमवार को पूरे दिन घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। कोहरे और कड़ाके की ठंड के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह और शाम के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके नजर आए।
मंगलवार की सुबह घना कोहरा तो नहीं दिखा, लेकिन आसमान में हल्का कुहासा बना रहा। सड़कों पर आवाजाही सामान्य रही, हालांकि ठंड का असर अब भी कायम है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई, खासकर सुबह और देर रात के समय ठंड ज्यादा महसूस की गई।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भले ही सोमवार की तुलना में 1 डिग्री अधिक रहा, लेकिन ठंडी हवाओं और नमी के कारण ठंड से कोई खास राहत नहीं मिली। वहीं, जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 362 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। दृश्यता सामान्य रहने के बावजूद ठंड और प्रदूषण का संयुक्त प्रभाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जा रहा है।
ठंड और प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह और शाम बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 जनवरी को जिले में हल्की बारिश के आसार हैं। बारिश के बाद ठंड और बढ़ सकती है, हालांकि इसके बाद 12 जनवरी तक मौसम के सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
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