आगरा में यमुना किनारे जंगल में जलाई गई दवाओं का रहस्य खुल गया है। दो सगे भाइयों ने दवाएं जलाई थीं, जिनमें से एक पुलिस हिरासत में है और दूसरा फरार है। इसके साथ ही लगभग एक लाख रुपये की दवाएं भी बरामद की गई हैं।
गुरुवार को सोशल मीडिया पर जलती हुई दवाओं का वीडियो वायरल हुआ था। इसे ताजगंज थाना क्षेत्र के नगला पैमा के पास नगला घड़ी के जंगलों में बताया गया। इस जानकारी के आधार पर ड्रग विभाग, एसटीएफ, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कई तरह की बिना जली दवाएं बरामद कीं।
जांच में रामा मेडिकल स्टोर और रामा क्लीनिक का नाम सामने आया। संचालक शिव सिंह से पूछताछ में पता चला कि उसके कुछ इंजेक्शन के पैकेट गिर गए थे और टूट गए थे, जबकि अन्य दवाएं भीगकर खराब हो गई थीं। इसलिए उन्हें जला दिया गया।
क्लीनिक में बुखार, खांसी, एंटी एलर्जिक दवाएं और सीरप भी मिले। पूछताछ में शिव सिंह के पास मेडिकल स्टोर का लाइसेंस और कोई डिग्री नहीं मिली। वह खुद को कभी ग्रेजुएट और कभी इंटर पास बताता रहा।
जांच टीम में स्वास्थ्य विभाग, ड्रग विभाग और थाना ताजगंज के अधिकारी शामिल थे। क्लीनिक से दो कट्टों में भरी दवाएं जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग एक लाख रुपये है। इसके अलावा जांच के लिए पांच दवाओं के सैंपल भी लिए गए।