मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। श्री विंध्य पंडा समाज ने निर्णय लिया है कि भक्त मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह में जाकर चरण स्पर्श नहीं कर सकेंगे।
पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि यह निर्णय भक्तों की बड़ी संख्या को देखते हुए लिया गया है। भक्त केवल कतार में खड़े होकर मां के दर्शन कर सकेंगे। किसी भी तीर्थ पुरोहित को अपने यजमान को चरण स्पर्श कराने की अनुमति नहीं होगी।
व्यवस्थापिका समिति की बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। तीर्थ पुरोहितों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें निर्धारित वेशभूषा में ही पुरोहिती करनी होगी। साथ ही, पंडा समाज द्वारा जारी परिचय पत्र रखना अनिवार्य होगा। बिना परिचय पत्र के कोई भी पुरोहित यजमानों को दर्शन-पूजन नहीं करा सकेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में पंडा समाज के मंत्री भानु पाठक, अनुज पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।