दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) पर 2025 में अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात के लिहाज से भारत ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में भारत से 11.9 मिलियन यात्रियों ने DXB के जरिए यात्रा की, जिससे भारत एयरपोर्ट का सबसे बड़ा बाजार बना रहा।
2025 में DXB ने कुल 95.2 मिलियन यात्रियों को हैंडल किया, जो 2024 की तुलना में 3.1 प्रतिशत अधिक है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, यह वृद्धि केवल किसी एक पीक सीजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे वर्ष लगातार मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया गया।
दिसंबर और चौथी तिमाही में रिकॉर्ड
दिसंबर 2025 DXB के इतिहास का सबसे व्यस्त महीना रहा, जब 8.7 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की—यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.1 प्रतिशत अधिक है।
चौथी तिमाही (Q4) 2025 भी रिकॉर्ड रही, जिसमें 25.1 मिलियन यात्री दर्ज किए गए। यह 2024 की समान अवधि के मुकाबले 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
उड़ानें और लोड फैक्टर
चौथी तिमाही 2025 में 118,000 फ्लाइट मूवमेंट दर्ज किए गए, जो 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। पूरे साल में कुल 454,800 उड़ानें संचालित हुईं, जो साल-दर-साल 3.3 प्रतिशत अधिक हैं।
औसतन हर फ्लाइट में 214 यात्री रहे, जो बड़े विमानों के उपयोग और बेहतर सीट भराव दर को दर्शाता है। वार्षिक लोड फैक्टर 77.6 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल से 0.5 प्रतिशत अंक कम है।
देशवार यात्री आंकड़े
भारत के बाद सऊदी अरब 7.5 मिलियन यात्रियों के साथ दूसरा सबसे बड़ा बाजार रहा।
इसके बाद यूके (6.3 मिलियन), पाकिस्तान (4.3 मिलियन) और अमेरिका (3.3 मिलियन) का स्थान रहा।
2025 के अंत तक DXB 110 देशों के 291 गंतव्यों से जुड़ा रहा और 108 अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने यहां से सेवाएं दीं।
तेजी से बढ़ते बाजार
कुछ देशों से यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई:
चीन: 16.6% वृद्धि के साथ 2.5 मिलियन
मिस्र: 14.3% वृद्धि के साथ 1.8 मिलियन
इटली: 12.5% वृद्धि के साथ 1.6 मिलियन
तुर्किये: 2.2 मिलियन यात्री
रूस: 2.8 मिलियन यात्री
शीर्ष शहर गंतव्य
शहरों के आधार पर लंदन 3.9 मिलियन यात्रियों के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद रियाद (3.0 मिलियन), मुंबई (2.4 मिलियन), जेद्दा (2.4 मिलियन) और नई दिल्ली (2.2 मिलियन) का स्थान रहा।
वैश्विक हब के रूप में मजबूत होती स्थिति
2025 में DXB ने अपने इतिहास का सबसे व्यस्त दिन, महीना, तिमाही और साल दर्ज किया। प्रबंधन के अनुसार, यह प्रदर्शन लगभग अधिकतम भौतिक क्षमता पर संचालन के बावजूद उच्च दक्षता के साथ हासिल किया गया।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट वैश्विक एविएशन हब के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है—और इस सफलता में भारत की भागीदारी सबसे अहम बनी हुई है।
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