पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Iran, United States और Israel के बीच टकराव को एक हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अपने हालिया बयानों पर सफाई देते हुए कहा कि खाड़ी देशों को लेकर दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन अगर किसी देश की ओर से हमला होता है तो उसका मजबूती से जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके बयान को इस तरह पेश किया गया मानो ईरान ने दबाव में आकर माफी मांगी हो, जबकि ऐसा नहीं है।
ट्रंप के दावे पर ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि उनके दबाव के कारण ईरान ने अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगी और वह पीछे हट गया है। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए पेजेशकियान ने कहा कि उनके शब्दों को दुश्मनों ने गलत समझा है और इसका उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच फूट डालना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने मित्र देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन अगर उस पर हमला किया जाता है तो वह आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
‘दुश्मन को हर हाल में जवाब देंगे’
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा कि ईरान किसी भी हमले का मजबूती से सामना करेगा और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी ताकत झोंक देगा। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी राजनीतिक या आंतरिक चुनौतियां हों, पूरा देश दुश्मनों के खिलाफ एकजुट रहेगा और किसी को भी अपनी जमीन का एक इंच भी कब्जा नहीं करने देगा।
विदेश मंत्री का भी सख्त बयान
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है। उनके मुताबिक, जिस भी जगह से ईरान पर हमला किया जाएगा, वहां से जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा नेतृत्व की चेतावनी
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा नेता Ali Larijani ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के घोषित लक्ष्य वास्तविकता से दूर हैं। उनका कहना है कि इन देशों का असली उद्देश्य ईरान को एक राष्ट्र के रूप में कमजोर करना और उसे तोड़ना है।
खुफिया रिपोर्ट में अलग संकेत
एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अमेरिका के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर सैन्य हमला भी ईरान की सरकार को गिराने में सफल नहीं हो सकता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि युद्ध के कुछ ही हफ्तों में खत्म होने के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्तमान हालात में पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और दुनिया की नजरें इस संघर्ष के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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