Breaking News

हथियारों की दुनिया के बड़े खरीदार: जानें 10 देशों की लिस्ट और भारत की स्थिति

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताज़ा रिपोर्ट ने वैश्विक हथियार व्यापार की तस्वीर साफ कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक 2020 से 2024 के बीच यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बनकर उभरा है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा है.

SIPRI के अनुसार, इस दौरान यूक्रेन ने दुनिया के कुल हथियार आयात का 8.8 प्रतिशत हिस्सा खरीदा है. रूस के साथ फरवरी 2022 से जारी युद्ध के बाद यूक्रेन को बड़े पैमाने पर सैन्य साजो-सामान की जरूरत पड़ी. युद्ध से पहले यूक्रेन का हथियार आयात सीमित था, लेकिन संघर्ष के बाद उसने अमेरिका, जर्मनी और पोलैंड समेत 35 से अधिक देशों से हथियार मंगवाए. इनमें सबसे बड़ा योगदान अमेरिका का रहा.

भारत दूसरे स्थान पर

रिपोर्ट के अनुसार भारत ने वैश्विक हथियार आयात में 8.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया. खास बात यह है कि भारत किसी बड़े युद्ध में शामिल नहीं है, इसके बावजूद वह अपनी सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हथियार खरीद रहा है. भारत के प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ताओं में रूस, फ्रांस और इजराइल शामिल हैं. हालांकि SIPRI ने यह भी कहा है कि भारत का आयात पहले की तुलना में घटा है, क्योंकि देश स्वदेशी हथियार निर्माण पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

रिपोर्ट बताती है कि 2015-2019 की तुलना में भारत के हथियार आयात में करीब 9 प्रतिशत की कमी आई है. इसकी वजह भारत की बढ़ती घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता है. ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस फाइटर जेट और आधुनिक तोप प्रणालियां इसकी मिसाल हैं.

खाड़ी देश और पाकिस्तान भी टॉप लिस्ट में

कतर तीसरे स्थान पर है, जिसने कुल 6.8 प्रतिशत हथियार आयात किए. इसके बाद सऊदी अरब चौथे और पाकिस्तान पांचवें स्थान पर रहा. पाकिस्तान मुख्य रूप से चीन, तुर्किए और नीदरलैंड से हथियार खरीदता है.

टॉप 10 हथियार आयातक देश (2020-2024)

SIPRI के अनुसार सूची में यूक्रेन और भारत के अलावा जापान, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, अमेरिका और कुवैत भी शामिल हैं. हैरानी की बात यह है कि हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक अमेरिका खुद भी हथियार खरीदने वाले देशों की टॉप-10 सूची में शामिल है.

यूरोप में हथियार आयात में तेज बढ़ोतरी

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि यूरोपीय देशों ने पिछले चार वर्षों में हथियार आयात में 155 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. इसकी बड़ी वजह यूक्रेन युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताएं मानी जा रही हैं.

About SFT-ADMIN

Check Also

दुनिया की सबसे सस्ती चांदी खरीदें यहीं, भारत की तुलना में कीमत में भारी अंतर

भारत में इस समय चांदी की कीमतों ने निवेशकों और आम लोगों दोनों को चौंका …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *