रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल दिसंबर 2025 में भारत की आधिकारिक यात्रा करेंगे। पुतिन 1 सितंबर को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव के अनुसार, एससीओ बैठक के ठीक बाद पुतिन और पीएम मोदी दिसंबर में होने वाली यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। यह इस साल दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक होगी, हालांकि वे नियमित रूप से फोन पर संपर्क में रहे हैं।
रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है। ऐसे में 10 सदस्यीय एससीओ शिखर सम्मेलन को द्विपक्षीय और वैश्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टैरिफ के बीच होने वाली एससीओ बैठक पर पूरी दुनिया की निगाह है। इस बैठक में भारत यह दिखाने की कोशिश करेगा कि वह वैश्विक परिदृश्य में अपनी ताकत बनाए रखने के लिए तैयार है।
भारत ने रूस से तेल की खरीद में कटौती नहीं की है और नए बाजारों की तलाश में भी जुटा है। पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 31 अगस्त को तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठकें कर सकते हैं, जिसमें व्यापारिक तनाव और भारत-चीन ट्रेड डील पर चर्चा होने की संभावना है।