Breaking News

खड्डा क्षेत्र में बालू संकट, अवैध खनन और माफिया सक्रिय, जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ

(

खड्डा कुशीनगर):

खड्डा क्षेत्र में बालू खनन की वैध अनुमति न होने के कारण आम लोगों के लिए पक्का मकान बनाना दिन-ब-दिन महंगा होता जा रहा है। इस स्थिति का सीधा फायदा बालू माफिया उठा रहे हैं, जो स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से रात के अंधेरे में अवैध रूप से बालू निकालकर नगर व आसपास के इलाकों में स्टॉक कर रहे हैं। मजबूरी में लोगों को प्रति ट्रॉली (लगभग 140 फीट) सफेद बालू 5000 से 5500 रुपये तक की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, जबकि विभागीय नियमों के अनुसार बिना अनुमति बालू का स्टॉक और बिक्री पूरी तरह अवैध है।

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि खड्डा नगर पंचायत, छितौनी नगर पंचायत सहित खड्डा विकास खंड के लगभग 72 गांवों में बालू की भारी किल्लत है। इसका मुख्य कारण यह है कि खनन विभाग बंधों को नुकसान और बाढ़ की आशंका का हवाला देकर नारायणी नदी की तलहटी क्षेत्र में बालू खनन का पट्टा देने से कतराता है। बताया जाता है कि गेनही जंगल से सालिकपुर महदेवा और बुलहवा तक करीब 10–12 किलोमीटर का इलाका नारायणी नदी की तलहटी में आता है, जहां प्रचुर मात्रा में सफेद बालू उपलब्ध है, लेकिन वैध खनन की अनुमति नहीं दी जा रही।

इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है। जो लोग सक्षम हैं, वे मजबूरी में मोरंग बालू 60–70 रुपये प्रति फीट या प्लाजा बालू 50–55 रुपये प्रति फीट की दर से खरीदकर मकान निर्माण करा रहे हैं। वहीं गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सस्ती सफेद बालू ही एकमात्र सहारा थी, जो अब अवैध खनन और कालाबाजारी के कारण उनकी पहुंच से बाहर होती जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालू माफिया खड्डा थाना क्षेत्र के भैंसहा, पकड़ीहवा तथा हनुमानगंज थाना क्षेत्र के देवीपुर, नौतार जंगल जैसे इलाकों से रात में चोरी-छिपे बालू निकालते हैं और उसे स्टॉक कर ऊंचे दामों पर बेचते हैं। पारसनाथ गुप्ता, रामेश्वर पाण्डेय, जगदीश उपाध्याय, इकबाल अंसारी और सैयद अली सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि पहले जो सफेद बालू 2000–3000 रुपये में मिल जाती थी, वही अब 5000–6000 रुपये में खरीदनी पड़ रही है। इसके बावजूद न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर जा रहा है और न ही प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है।

इस संबंध में बालू खनन अधिकारी कुशीनगर अभिषेक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि बालू का स्टॉक करने के लिए विभागीय अनुमति अनिवार्य है और खड्डा क्षेत्र में फिलहाल किसी को भी बालू स्टोर करने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद खुलेआम अवैध स्टॉकिंग और बिक्री होना प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

About News Desk

✍️ Zafar Ahmad editor-in-chief Super fast times prayagraj

Check Also

विपन्नों की सेवा है माता-पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि

तुर्कपट्टी कुशीनगर।विकासखण्ड तमकुही के ग्रामसभा अमवा बुजुर्ग में शनिवार को स्व0 शिक्षिका कलावती देवी एवं …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *