मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उसके खिलाफ जमीनी हमला किया, तो वह यूएई, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में बड़ा सैन्य जवाब दे सकता है।
ईरानी सेना का सख्त रुख
ईरान के सशस्त्र बलों ने संकेत दिया है कि अमेरिकी ग्राउंड अटैक की स्थिति में वे खाड़ी क्षेत्र के तटीय इलाकों को निशाना बना सकते हैं। सेना प्रमुख मोहम्मद बाकेरी ने कहा कि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई
संभावित खतरे को देखते हुए ईरान ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
- कुल जमीनी सीमा: लगभग 5900 किलोमीटर
- तटीय सीमा: करीब 2700 किलोमीटर
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अज़रबैजान के पास इजरायली सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया
खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ईरान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि ईरानी हमले उनकी संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इसके लिए ईरान से मुआवजे की मांग की गई है।
सऊदी अरब के प्रतिनिधि अब्दुलमोहसेन माजेद बिन खोथैला ने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि वे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं।
वहीं कतर की प्रतिनिधि ने भी कहा कि इन हमलों के गंभीर प्रभाव पड़े हैं, जो न केवल क्षेत्रीय शांति बल्कि वैश्विक सुरक्षा और मानवाधिकारों को भी प्रभावित कर रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम संकेत देता है कि मिडिल ईस्ट का तनाव अब और गहराता जा रहा है और यदि हालात काबू में नहीं आए, तो यह बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष बन सकता है।
Super Fast Times
