ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल हालिया समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करते हैं, तो ईरान भी उचित और समान जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि तेहरान सभी पक्षों से समझौते के प्रावधानों का पूर्ण पालन किए जाने की अपेक्षा करता है।
सरकारी मीडिया के अनुसार, गालिबाफ ने बेलारूस की संसद के अध्यक्ष के साथ बैठक के दौरान कहा कि यदि दूसरे पक्ष अपने वादों से पीछे हटते हैं, तो ईरान भी अपनी प्रतिक्रिया देने में संकोच नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका अब यह समझ चुका है कि केवल सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरान पर अपनी इच्छा थोपना संभव नहीं है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और क्षेत्रीय संघर्ष को नियंत्रित करना है। हालांकि, इजरायल ने इस समझौते पर अपनी असहमति जताई है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनका देश अपनी सुरक्षा नीतियों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा। इजरायली नेतृत्व का कहना है कि उसकी प्राथमिकता ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को रोकना है।
इस बीच, ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को श्रद्धांजलि देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तेहरान में श्रद्धांजलि समारोह के बाद अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और बाद में उनका पार्थिव शरीर मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत की ओर से भी एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के इन कार्यक्रमों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
उधर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि यदि अमेरिका समझौते के प्रति गंभीर है, तो उसे इजरायल की ओर से आने वाली सैन्य धमकियों को रोकने की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए। वहीं इजरायल के रक्षा मंत्री ने दोहराया है कि उनका देश ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा और इस मुद्दे पर अपनी सुरक्षा नीति से पीछे नहीं हटेगा।
Super Fast Times
