ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की अंतिम यात्रा के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तेहरान को समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, अन्यथा अमेरिका कड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिकता कूटनीतिक समझौता है, लेकिन यदि बातचीत सफल नहीं होती तो अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका ईरान के रणनीतिक ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते, क्योंकि इससे आम नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह सैन्य कार्रवाई की बजाय समझौते को प्राथमिकता देंगे।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र में कड़ी समुद्री नाकाबंदी लागू की थी और बाद में संभावित वार्ता की संभावना को देखते हुए उसमें कुछ ढील दी गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों देशों के बीच किसी समझौते की संभावना बन सकती है।
इस बीच तेहरान में अली खामेनेई की अंतिम यात्रा बड़े पैमाने पर निकाली गई। राजधानी के प्रमुख मार्गों पर हजारों लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम यात्रा में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता और सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए। यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए पवित्र शहर कोम ले जाया जाना तय किया गया।
ईरान के सरकारी मीडिया ने इस जनसमूह को देश के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक बताया। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नोट: इस खबर में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान और ईरानी सरकारी मीडिया के दावे शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से होना आवश्यक है, और दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर आधिकारिक स्थिति समय के साथ बदल सकती है।
Super Fast Times
