आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के चार मरीजों में ओमिक्रॉन के RF.5 सब-वैरिएंट की पुष्टि हुई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कडप्पा जिले से लिए गए चार संक्रमित मरीजों के नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था, जहां जांच में RF.5 सब-वैरिएंट की पहचान हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह वैरिएंट नियमित जीनोमिक सर्विलांस के दौरान सामने आया है। फिलहाल सभी संबंधित मामलों की निगरानी की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
क्या है RF.5 सब-वैरिएंट?
RF.5, कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट की एक उप-शाखा (Sub-lineage) है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वायरस के प्राकृतिक विकास (Mutation) का हिस्सा है और समय के साथ विकसित हुए अन्य ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स की तरह ही सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी दो अलग-अलग वैरिएंट के मिलकर बनने वाला नया वैरिएंट नहीं है।
क्या यह ज्यादा खतरनाक है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि RF.5 अन्य ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स की तुलना में अधिक गंभीर या अधिक खतरनाक है। इसलिए फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
RF.5 के संभावित लक्षण
इस सब-वैरिएंट के लक्षण भी अन्य ओमिक्रॉन संक्रमणों जैसे ही बताए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- गले में खराश
- खांसी
- बुखार
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- थकान
यदि ये लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर कोविड जांच कराना उचित रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घबराने के बजाय सामान्य सावधानियों का पालन करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक होने पर मास्क का उपयोग करें, हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और बुखार या श्वसन संबंधी लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और नए वैरिएंट पर लगातार वैज्ञानिक निगरानी रखी जा रही है।
Super Fast Times
