बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत संसद के स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा। उनका कार्यकाल वर्ष 2028 तक निर्धारित था, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्होंने समय से पहले पद छोड़ने का फैसला किया।
स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का किया जिक्र
76 वर्षीय शहाबुद्दीन ने अपने इस्तीफे में बताया कि वे लंबे समय से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, किडनी संबंधी परेशानी, पहले हुई बाईपास सर्जरी और हाल ही में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगातार इलाज की आवश्यकता के कारण राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना अब संभव नहीं है।
नए राष्ट्रपति के चुनाव तक होगी अंतरिम व्यवस्था
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अब संसद के स्पीकर को इस्तीफा सौंपा जाएगा। नए राष्ट्रपति के निर्वाचन तक स्पीकर कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारियां निभाएंगे। इस बीच राष्ट्रपति कार्यालय ने मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
राष्ट्रपति का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि मौजूदा सरकार और राष्ट्रपति के बीच संबंधों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, राष्ट्रपति ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों को ही पद छोड़ने की मुख्य वजह बताया है।
2023 में संभाला था राष्ट्रपति पद
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। वे 1971 के मुक्ति संग्राम के पूर्व सेनानी और पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान देश ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखे, जिनमें 2024 का छात्र आंदोलन और उसके बाद हुए सत्ता परिवर्तन भी शामिल हैं।
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