भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में महज 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। शुरुआती चार मैचों में उन्होंने 92 रन बनाए हैं, जिनमें अधिकांश रन चौकों और छक्कों के जरिए आए हैं। अब उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी को लेकर भी टीम प्रबंधन की योजना सामने आई है।
बल्लेबाजी के बाद अब गेंदबाजी पर भी फोकस
जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के अंतरिम गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने कहा कि फिलहाल वैभव को एक बल्लेबाज के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और उसकी बल्लेबाजी टीम के लिए काफी अहम है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मिलेगा प्रशिक्षण
सुनील जोशी ने बताया कि जैसे ही अवसर मिलेगा, वैभव सूर्यवंशी की गेंदबाजी पर भी विशेष रूप से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में उनके साथ गेंदबाजी कौशल को बेहतर बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में वह एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में भी विकसित हो सकें।
जिम्बाब्वे में पहले भी दिखा चुके हैं दम
कोच ने यह भी कहा कि वैभव का जिम्बाब्वे में प्रदर्शन पहले भी प्रभावशाली रहा है। अंडर-19 स्तर पर भी उन्होंने यहां अच्छा खेल दिखाया था और मौजूदा टी20 सीरीज के पहले मैच में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
गेंदबाजी में भी है अनुभव
वैभव सूर्यवंशी मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वह दो विकेट भी हासिल कर चुके हैं। हालांकि, अब तक उनकी पहचान आक्रामक बल्लेबाजी के लिए रही है, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें एक बहुआयामी खिलाड़ी के रूप में तैयार करने की दिशा में भी काम करना चाहता है।
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