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ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार हो सकता है खत्म? अमेरिका के नए इमिग्रेशन बिल से बढ़ीं भारतीयों की उम्मीदें

अमेरिका में इमिग्रेशन सुधार को लेकर एक नया विधेयक पेश किया गया है, जिसने लंबे समय से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे लाखों प्रवासियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है, तो कई भारतीय पेशेवरों को भी इसका लाभ मिल सकता है, खासकर वे लोग जो वर्षों से H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सीनेटर Alex Padilla ने Renewing Immigration Provisions of the Immigration Act of 1929 नामक बिल दोबारा पेश किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य अमेरिका में लंबे समय से रह रहे पात्र लोगों को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) का अवसर देना है।

किन लोगों को मिल सकता है फायदा?

प्रस्ताव के अनुसार, जो व्यक्ति कम से कम सात वर्षों से लगातार अमेरिका में रह रहा हो, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो और वह ग्रीन कार्ड से जुड़ी अन्य कानूनी शर्तों को पूरा करता हो, वह इस प्रावधान के तहत पात्र हो सकता है।

क्यों जरूरी माना जा रहा है यह बदलाव?

यह बिल अमेरिका के पुराने Registry Provision में संशोधन का प्रस्ताव है। इस नियम में आखिरी बार 1986 में बदलाव हुआ था। मौजूदा व्यवस्था के तहत केवल वही लोग इस प्रावधान का लाभ ले सकते हैं, जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। इतने पुराने कटऑफ के कारण यह नियम आज के समय में लगभग अप्रभावी माना जाता है और बहुत कम लोग इसका लाभ उठा पाते हैं।

सीनेटर एलेक्स पैडिला का कहना है कि कई प्रवासी वर्षों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान दे रहे हैं, इसलिए उन्हें कानूनी स्थायी निवास का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों को समय के अनुसार आधुनिक बनाने की जरूरत है।

भारतीय पेशेवरों को कैसे मिल सकती है राहत?

यदि यह बिल पारित होता है, तो इसका लाभ कई वर्गों को मिल सकता है। इनमें DreamersTemporary Protected Status (TPS) वाले लोग, आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी, लंबे समय के वीजा धारकों के बच्चे और उच्च कौशल वाले पेशेवर शामिल हैं।

H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवर भी इस प्रस्ताव से प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिका में रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए भारतीयों को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह प्रति-देश (Per-Country) ग्रीन कार्ड सीमा और वर्षों से चला आ रहा भारी बैकलॉग है। इसी कारण कई भारतीयों को ग्रीन कार्ड पाने के लिए वर्षों, और कुछ मामलों में दशकों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी केवल एक प्रस्तावित बिल है। इसे कानून बनने से पहले अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों से पारित होना होगा और इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी भी आवश्यक होगी। इसलिए फिलहाल ग्रीन कार्ड नियमों में कोई तत्काल बदलाव लागू नहीं हुआ है।

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