पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होने के दावे सामने आ रहे हैं। विभिन्न स्थानीय संगठनों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई स्थानों पर झड़पें हुई हैं, जिनमें लोगों के हताहत होने की खबरें भी हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जा रही है और इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसी बीच सोशल मीडिया पर PoK से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कुछ लोग भारत से मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। एक वीडियो में एक महिला कथित तौर पर वहां की स्थिति का जिक्र करते हुए भारतीय सेना से हस्तक्षेप की मांग करती नजर आती है। हालांकि इन वीडियो की सत्यता और उनमें किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों में कुछ सेवानिवृत्त सैनिक और पूर्व सुरक्षा कर्मी भी शामिल हुए हैं। कुछ लोगों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं, लेकिन इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
JAAC ने यह आरोप भी लगाया है कि हिंसा में मारे गए कुछ लोगों के शवों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने दिया जा रहा है। संगठन ने घटनाओं की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि वास्तविक स्थिति दुनिया के सामने आनी चाहिए।
PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दावों के बीच क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। फिलहाल सामने आ रही कई जानकारियां स्थानीय संगठनों और सोशल मीडिया पर आधारित हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
Super Fast Times
