अमेरिकी सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद सोशल मीडिया पर ईरान से जुड़ी कुछ तस्वीरें और कथित ‘हिट लिस्ट’ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इन तस्वीरों में कई विदेशी नेताओं के नाम और तस्वीरें दिखाई गई हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप सहित अन्य नेताओं का भी उल्लेख बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि वायरल ग्राफिक्स में लिंडसे ग्राहम की तस्वीर पर क्रॉस का निशान लगाया गया है। हालांकि, इन तस्वीरों से यह साबित नहीं होता कि उनकी मौत के पीछे ईरान का हाथ था, और न ही इस संबंध में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी या अमेरिकी अधिकारियों ने ऐसी पुष्टि की है।
लिंडसे ग्राहम के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, उनका निधन बीमारी के कारण हुआ। परिवार ने लोगों से प्रार्थना करने और इस कठिन समय में उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है।
रिपोर्टों के अनुसार, ग्राहम अपने निधन से एक दिन पहले यूक्रेन के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने ड्रोन निर्माण से जुड़ी एक सुविधा का दौरा किया था। वे अमेरिकी विदेश नीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन के प्रबल समर्थक रहे थे। उन्होंने रूस पर कड़े प्रतिबंधों की वकालत की थी और भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने की भी आलोचना की थी।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के चलते विभिन्न प्रकार की बयानबाजी और प्रतीकात्मक सामग्री सामने आती रही है। हालांकि, किसी भी देश या संगठन की संलिप्तता से जुड़े दावों को तब तक तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक उनकी आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से पुष्टि न हो जाए।
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