बांग्लादेश में प्रस्तावित 81 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा परियोजना से जुड़े हरिदास चंद्र तरणी दास को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गाइबांधा जिले से हिरासत में लेने के बाद आगे की पूछताछ के लिए ढाका भेजा गया है।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि हरिदास चंद्र दास के बैंक खातों और मोबाइल वित्तीय सेवा (MFS) खातों में करोड़ों टका के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन लेनदेन के संबंध में आय का वैध स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका है, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बांग्लादेश की अपराध जांच एजेंसी (CID) का कहना है कि प्रारंभिक जांच में स्थानीय और विदेशी मुद्रा से जुड़े कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
दूसरी ओर, बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई यूनिटी काउंसिल ने हरिदास चंद्र दास की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अदालत में पेशी के दौरान हरिदास चंद्र दास ने अपने ऊपर लगे आरोपों का विरोध किया। उनका कहना था कि जिन पैसों की जांच की जा रही है, वे मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान की राशि है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि इन निधियों का किसी अवैध गतिविधि में इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
गौरतलब है कि हाल के सप्ताहों में गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी स्थित श्री श्री राधा गोविंद काली मंदिर परिसर में प्रस्तावित 81 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा को लेकर भी बांग्लादेश में चर्चा और विवाद देखने को मिला था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां वित्तीय लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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