भारत के पूर्व क्रिकेटर Laxman Sivaramakrishnan ने अपने जीवन से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कभी टीम इंडिया के उभरते हुए लेग स्पिनर माने जाने वाले इस खिलाड़ी ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में विवादों और बदनामी ने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला।
विवादों में घिरा करियर
लक्ष्मण ने बताया कि युवावस्था में ही उन पर शराब सेवन और जातिवाद जैसे आरोप लगाए गए, जिससे उनकी छवि काफी खराब हो गई। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी, लेकिन लोगों ने उन्हें ‘शराबी’ का टैग दे दिया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा।
उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी ड्रग्स का सेवन नहीं किया और बाद में बीयर पीने की बात स्वीकार की, लेकिन जिस उम्र में उन पर आरोप लगाए गए, वह बेहद गलत था।
शादी के लिए भी नहीं मिला रिश्ता
शिवारामाकृष्णन ने बताया कि उनकी खराब छवि का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी पड़ा। यहां तक कि उनके माता-पिता को उनके लिए शादी का रिश्ता ढूंढने के लिए विज्ञापन तक देना पड़ा, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि लोग उनकी प्रतिष्ठा से इतने प्रभावित थे कि कोई भी अपनी बेटी की शादी उनसे करने को तैयार नहीं था।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
इन सभी घटनाओं के कारण वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चले गए। एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने के बावजूद उन्हें व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
क्रिकेट करियर की झलक
लक्ष्मण शिवारामाकृष्णन ने भारत के लिए:
- 9 टेस्ट मैचों में 26 विकेट
- 16 वनडे मैचों में 15 विकेट
इसके अलावा अपने फर्स्ट-क्लास करियर में उन्होंने 76 मैचों में 154 विकेट हासिल किए।
यह खुलासा दिखाता है कि खेल के मैदान के बाहर खिलाड़ियों की छवि और समाज की सोच का उनके जीवन पर कितना गहरा असर पड़ सकता है।
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