गोरखपुर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर गोरखपुर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी है। गोरखनाथ मंदिर, गीता वाटिका और इस्कॉन मंदिर सहित कई स्थानों पर दिनभर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों में भजन-कीर्तन, अभिषेक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बच्चों की प्रतियोगिताएं और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम होंगे। वहीं गोलघर स्थित जलकल परिसर में पारंपरिक मेले का आयोजन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी मनाएंगे जन्मोत्सव
गोरखनाथ मंदिर में जन्माष्टमी का मुख्य कार्यक्रम शाम से शुरू होगा। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में बच्चों के लिए विशेष फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई है। इसमें छोटे बच्चे भगवान कृष्ण के अलग-अलग बाल रूपों में सजकर हिस्सा लेंगे।
1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ‘कान्हा’ और 6 से 8 वर्ष की उम्र के बच्चों को ‘गोपाल’ के रूप में तैयार किया जाएगा।
इसके बाद मंदिर परिसर में भजन और धार्मिक प्रस्तुतियों का सिलसिला चलेगा। रात 12 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बाल स्वरूप श्रीकृष्ण को पालने में झुलाएंगे।
जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच उपहार और खिलौने बांटे जाने की भी व्यवस्था है।
गीता वाटिका में रात से शुरू होगा विशेष आयोजन
राधा-कृष्ण की साधना से जुड़ी गीता वाटिका में भी जन्माष्टमी के लिए विशेष सजावट की गई है। यहां रात करीब 10 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।
देर रात तक चलने वाले इस आयोजन में श्रद्धालुओं को रात्रिकालीन बधाई गायन, अखंड हरिनाम संकीर्तन और रासलीला जैसी धार्मिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आसपास के जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग गीता वाटिका में दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे।
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में दर्शन और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इस्कॉन मंदिर में सुबह से देर रात तक कार्यक्रम
इस्कॉन मंदिर की ओर से भी जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला आयोजित की जाएगी। ओपन आई रिजॉर्ट में शाम 4 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत फोक आरती से होगी। इसके बाद कृष्ण जन्म कथा का वाचन किया जाएगा। शाम को भगवान के दिव्य स्नान और बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
रात में कलश अभिषेक और महाभिषेक का कार्यक्रम होगा। मध्यरात्रि के बाद करीब 12:30 बजे भव्य महाआरती की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा।
जलकल परिसर में लगेगा पारंपरिक मेला
जन्माष्टमी के अवसर पर गोलघर स्थित जलकल बिल्डिंग परिसर में भी भव्य मेले की तैयारी है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे इस मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए बड़े झूले, चकरी और वॉटर बोट जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मेले में खान-पान के लिए चाट, गोलगप्पे, पाव भाजी और विभिन्न तरह की मिठाइयों के स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा खिलौने, हस्तशिल्प और घरेलू सामान की दुकानें भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
शहरवासी परिवार के साथ मेले का आनंद ले सकेंगे। देर रात तक चलने वाले आयोजन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
गोरखपुर में जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों और प्रमुख आयोजन स्थलों पर विशेष तैयारियां की गई हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले और सांस्कृतिक आयोजनों के चलते शहर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल रहने की उम्मीद है।
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाल कृष्ण को पालने में झुलाने का कार्यक्रम इस जन्माष्टमी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा। वहीं गीता वाटिका और इस्कॉन मंदिर में होने वाले विशेष आयोजन भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
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