अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। काबुल ने पाकिस्तान पर यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों पर हमले का आरोप लगाते हुए सख्त कदम उठाया है और इस मामले में पाकिस्तानी चार्ज डी अफेयर्स को समन किया है।
अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार, काबुल में तैनात पाक अधिकारी को कुनार प्रांत में स्थित एक विश्वविद्यालय और ड्यूरंड लाइन के आसपास नागरिक ठिकानों पर हुए कथित हमलों के विरोध में तलब किया गया।
हमलों के गंभीर आरोप
अफगान अधिकारियों का दावा है कि पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और मिसाइल हमले किए गए, जिनमें एक यूनिवर्सिटी और आसपास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत और 80 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, असदाबाद में भी घरों और सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचा। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने आरोप लगाया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और रॉकेट दागे गए।
पाकिस्तान का इनकार
वहीं पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पाक सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
सीमा पर बढ़ी हिंसा
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब हाल ही में चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी। इसके बावजूद सीमा पर झड़पें जारी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पिन बोल्डक इलाके में दोनों देशों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, झड़प के दौरान एक पाकिस्तानी सैनिक को बंधक बनाए जाने और हथियार कब्जे में लेने की भी खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुल मिलाकर, ताजा घटनाओं के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और गहरा गया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
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