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भारत की क्षमता और चीन की ताकत का पुतिन ने किया जिक्र, बदलती विश्व व्यवस्था पर रखे विचार

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, भारत-रूस संबंधों, चीन की भूमिका और ऊर्जा बाजार को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

भारत की क्षमताओं की सराहना

पुतिन ने कहा कि भारत के लोगों ने शिक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उनके अनुसार भारतीय पेशेवरों ने विशेष रूप से तकनीकी और डिजिटल क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है।

भारत में रूसी निवेश का जिक्र

रूसी राष्ट्रपति ने बताया कि रूस की ऊर्जा कंपनियों ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। उन्होंने कहा कि तेल रिफाइनिंग, बंदरगाह विकास और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दे रहा है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में रूस भारत का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा।

‘भारत और चीन अपने फैसले खुद लेते हैं’

पुतिन ने कहा कि भारत और चीन दोनों ऐसे देश हैं जो अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्णय लेते हैं। उनके अनुसार ये देश बाहरी दबावों से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की क्षमता रखते हैं।

चीन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रूस और चीन के बीच ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग जारी है। दोनों देश कई रणनीतिक परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं।

रूस-चीन सहयोग पर जोर

पुतिन के मुताबिक रूस और चीन के बीच हाई-टेक उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में साझेदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश तकनीकी ज्ञान और संसाधनों का आदान-प्रदान कर रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक सहयोग को मजबूती मिल रही है।

तेल की कीमतों पर वैश्विक चिंता

रूसी राष्ट्रपति ने बढ़ती तेल कीमतों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि यदि ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इसका असर वैश्विक महंगाई पर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, विशेष रूप से United States को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

आर्थिक स्थिरता पर दिया जोर

पुतिन ने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महंगाई पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने से वैश्विक आर्थिक संतुलन को मजबूती मिलेगी और देशों को आर्थिक दबावों से राहत मिल सकती है।

बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की अहम भूमिका

अपने संबोधन में पुतिन ने संकेत दिया कि उभरती वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और कूटनीति जैसे क्षेत्रों में भारत का प्रभाव पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दे रहा है, जिससे वह विश्व मंच पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है।

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