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पाकिस्तान के I-Day पर भारत को शहबाज की चेतावनी, ‘राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे’

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश को संबोधित करते हुए शांति और आर्थिक विकास की बात की, लेकिन इसी दौरान भारत को लेकर भी सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता और शांति के पक्ष में है, लेकिन उसकी इस नीति को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी।

अपने संबोधन में शरीफ ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय एकता, आर्थिक मजबूती और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने भारत के साथ पिछले साल हुए सैन्य टकराव और सिंधु जल संधि से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया।

‘हम युद्ध नहीं, शांति चाहते हैं’

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान युद्ध का इच्छुक नहीं है और वह क्षेत्र में शांति चाहता है। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान की शांति की इच्छा को उसकी कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें देश के जल संसाधनों से जुड़े अधिकार भी शामिल हैं।

शरीफ ने भारत के साथ पिछले साल हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया।

सिंधु जल संधि को लेकर फिर उठाया मुद्दा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने भारत द्वारा संधि को निलंबित किए जाने को पाकिस्तान के लिए गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि उसके पानी की हर बूंद उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

शरीफ ने इसे पाकिस्तान की ‘रेड लाइन’ बताया और कहा कि देश अपने जल संसाधनों से जुड़े हितों की रक्षा करेगा।

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे। इसी क्रम में सिंधु जल संधि को भी निलंबित करने का फैसला लिया गया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र

शहबाज शरीफ ने भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया था।

ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक सैन्य तनाव और ड्रोन-मिसाइल हमले हुए।

शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और पाकिस्तान के पारंपरिक रुख को दोहराया।

अफगानिस्तान को लेकर भी दिया संदेश

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अफगान नेतृत्व से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए न हो।

उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की चिंताओं को सामने रखा। शरीफ ने पाकिस्तान को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए जिम्मेदार भूमिका निभाने वाला देश बताया।

सऊदी अरब और तुर्किए के साथ रक्षा समझौते का जिक्र

शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब और तुर्किए के साथ पाकिस्तान के रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे क्षेत्र में पाकिस्तान की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का संकेत बताया।

उन्होंने पिछले साल भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान संघर्ष विराम में भूमिका निभाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धन्यवाद दिया। हालांकि, भारत लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष ने मध्यस्थता की थी।

राष्ट्रपति जरदारी ने भी भारत पर साधा निशाना

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी स्वतंत्रता दिवस के संदेश में देश की सेना की तारीफ की। उन्होंने पिछले साल के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने भारत को कड़ा जवाब दिया था।

पाकिस्तान में इस संघर्ष की याद में एक स्मारक का उद्घाटन भी किया गया। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू ने भी राष्ट्रीय एकता, शांति और आर्थिक विकास पर जोर दिया।

पाकिस्तानी सेना ने अपने संदेश में देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने तथा हर तरह के खतरे से निपटने का संकल्प दोहराया।

इस तरह पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर शहबाज शरीफ के संदेश में एक तरफ शांति और आर्थिक प्रगति की बात रही, वहीं भारत, सिंधु जल संधि और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उनका रुख काफी आक्रामक नजर आया।

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