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इस्लामाबाद टॉक्स से पहले बढ़ी सरगर्मी, US विमान की लैंडिंग से हलचल तेज; चीन ने सख्त संदेश दिया

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित “इस्लामाबाद 2.0” वार्ता से पहले माहौल काफी तनावपूर्ण और अनिश्चित बना हुआ है। एक तरफ जहां कूटनीतिक तैयारियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर आधिकारिक स्तर पर बातचीत को लेकर स्पष्टता नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा है कि अमेरिका के साथ अगले दौर की वार्ता को लेकर फिलहाल कोई ठोस योजना या सहमति नहीं बनी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बातचीत को लेकर अभी भी संशय कायम है।

इस बीच, Islamabad में गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना के कई C-17 विमान Nur Khan Airbase पर उतर चुके हैं। इन विमानों के जरिए संचार उपकरण, सुरक्षा संसाधन और अन्य लॉजिस्टिक सामग्री लाई गई है। साथ ही एक VVIP विमान भी पहुंचा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वहां पहुंच सकता है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी टीम की अगुवाई JD Vance कर सकते हैं, हालांकि इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। वहीं, ईरान की भागीदारी को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है।

दूसरी ओर, Masoud Pezeshkian ने युद्ध समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश को पुनर्निर्माण पर ध्यान देने के लिए अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष जल्द खत्म करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने शासन में पारदर्शिता और जनता का भरोसा बनाए रखने पर भी जोर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच Xi Jinping ने भी सक्रियता दिखाई है। उन्होंने सऊदी नेतृत्व से बातचीत में Strait of Hormuz में सामान्य जहाजरानी बनाए रखने की बात कही और मिडिल ईस्ट संकट के समाधान के लिए तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक रास्ते पर जोर दिया।

वहीं, Joseph Aoun ने इजरायल के साथ संभावित वार्ता को लेकर संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि लेबनान की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल बातचीत में शामिल हो सकता है, जिसका उद्देश्य सीमा विवाद और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों का समाधान निकालना होगा।

कुल मिलाकर, इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता से पहले जहां सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं अनिश्चितता और अलग-अलग बयानों के चलते स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

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