United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में अमेरिका ने जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर दी है। शांति वार्ता विफल होने के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे क्षेत्र में टकराव का खतरा और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की चेतावनी के बाद तय समयसीमा खत्म होते ही अमेरिकी नौसेना ने कार्रवाई शुरू कर दी। अब ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को रोका या जब्त किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नाकेबंदी Gulf of Oman और Arabian Sea के उस हिस्से में लागू की गई है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी क्षेत्र में आता है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू होगा।
इससे पहले Islamabad में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक चली बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके बाद United States Central Command ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की।
अमेरिकी सेना ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर जहाजों की तलाशी ली जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई प्रतिबंधित सामान तो नहीं ले जाया जा रहा है। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
मानवीय सहायता जैसे खाद्य सामग्री और दवाइयों से जुड़े जहाजों को जांच के बाद आगे बढ़ने की इजाजत दी जाएगी। इसके बावजूद, इस कदम से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, Strait of Hormuz में बढ़ती सैन्य गतिविधियां दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई हैं और इससे बड़े टकराव की आशंका लगातार गहराती जा रही है।
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