अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में फिलहाल नए हमले रोकने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला लगातार कई दिनों तक चली सैन्य कार्रवाई के बाद लिया गया, ताकि कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके और क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस निर्णय के बाद पहली बार अमेरिकी सैन्य अभियान में अस्थायी विराम देखने को मिला। बताया गया है कि नए हमलों की योजना मौजूद होने के बावजूद राष्ट्रपति ने फिलहाल उन्हें मंजूरी नहीं दी। इसे संभावित बातचीत और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं या अमेरिकी हितों तथा सहयोगी देशों की सुरक्षा को खतरा होता है, तो सैन्य विकल्प फिर से अपनाए जा सकते हैं। व्हाइट हाउस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन प्रशासन ने दोहराया कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, जबकि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रहेगा।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ट्रंप का मानना है कि मौजूदा सैन्य अभियान अपने उद्देश्य की एक सीमा तक पहुंच चुका है और आगे कार्रवाई से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण बातचीत के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी चिंता जताई थी कि लंबे समय तक अभियान जारी रहने से मिसाइल रक्षा प्रणाली और सैन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। बताया गया कि पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों सहित कई रक्षा प्रणालियों का बड़े पैमाने पर उपयोग हो चुका है, जिससे भविष्य की सुरक्षा तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है।
इसी बीच ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन यदि बातचीत के माध्यम से समाधान निकलता है तो वही बेहतर विकल्प होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच संवाद आगे बढ़ेगा और तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो सकती है।
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