कैस्पियन सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर कथित हमले के बाद ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि इस मामले को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में हुए कथित हमले में एक वाणिज्यिक जहाज को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। तेहरान ने इस घटना के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने सहयोगियों को इस घटना की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि इस मामले में उचित प्रतिक्रिया दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में अराघची ने आरोप लगाया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना के पीछे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान ने एक बार फिर कहा कि उसका रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से कोई पक्ष नहीं है। विदेश मंत्रालय ने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें ईरान पर किसी एक पक्ष को सैन्य सहयोग देने का दावा किया जाता रहा है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई किए जाने की पुष्टि की। वहीं, यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि उनके अभियान का लक्ष्य ऐसे मालवाहक जहाज थे, जिनका इस्तेमाल प्रतिबंधित सैन्य सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा था। यूक्रेन ने सार्वजनिक रूप से ईरान के सभी आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
घटना के बाद ईरान ने यूक्रेन के कार्यवाहक राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। तेहरान ने इस कथित हमले को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि वह अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कूटनीतिक और अन्य कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
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