दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी को रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार से पहले बड़ी संख्या में प्रशंसकों, कलाकारों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम दर्शन के दौरान कई प्रशंसक भावुक हो गए और उनकी याद में नम आंखों से विदाई दी।
अंतिम संस्कार के दौरान उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी दादी का निधन केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे देश और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि एस. जानकी केवल एक महान गायिका ही नहीं, बल्कि परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत भी थीं।
अप्सरा ने कहा कि उन्हें अपनी दादी से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला और उनकी आवाज तथा संगीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। उनके अनुसार, यह विदाई नहीं बल्कि उनकी विरासत को याद करने का अवसर है, क्योंकि उनके गीत आने वाली पीढ़ियों तक लोगों के साथ बने रहेंगे।
इस दौरान सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी रहा। समाचार एजेंसी द्वारा साझा किए गए वीडियो में बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन करते और भावुक होते दिखाई दिए।
एस. जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वह भारतीय संगीत जगत की सबसे सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में गिनी जाती थीं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई भारतीय भाषाओं में हजारों गीत गाए और अपनी मधुर आवाज से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
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