ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने दावा किया है कि ईरान भविष्य में अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा गति देने की तैयारी कर सकता है। एजेंसी के अनुसार, यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) में इस्तेमाल होने वाले कुछ सेंट्रीफ्यूज उपकरणों को पहले ही एक सुरक्षित भूमिगत परिसर में स्थानांतरित किया जा चुका है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह स्थान पिकएक्स माउंटेन (माउंट कोलांग) के नाम से जाना जाता है, जो ईरान के नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परिसर है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में इसी स्थान का उपयोग परमाणु गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले वर्ष इजरायल-ईरान संघर्ष के बाद ईरान ने अपने कुछ संवेदनशील परमाणु उपकरणों को गहरी भूमिगत सुरंगों में पहुंचा दिया था। बताया गया है कि इस संबंध में इजरायल ने अमेरिका के साथ भी खुफिया जानकारी साझा की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिकएक्स माउंटेन के नीचे बनी सुरंगें काफी गहराई में हैं और इन्हें अत्यधिक सुरक्षित माना जाता है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने की खबरों ने भी अंतरराष्ट्रीय चिंता को बढ़ाया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यहां भविष्य में संवेदनशील परमाणु उपकरणों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
सेंट्रीफ्यूज ऐसी मशीनें होती हैं जिनका उपयोग यूरेनियम को संवर्धित (एनरिच) करने के लिए किया जाता है। संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा उत्पादन में किया जाता है, जबकि अत्यधिक संवर्धन की स्थिति में इसका उपयोग परमाणु हथियार निर्माण में भी संभव हो सकता है। इसी कारण इन गतिविधियों पर वैश्विक स्तर पर लगातार नजर रखी जाती है।
हालांकि, ईरान ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों, जैसे ऊर्जा उत्पादन और वैज्ञानिक अनुसंधान, के लिए संचालित किया जा रहा है। ईरान लगातार यह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु हथियार विकसित करने का कोई इरादा नहीं है।
फिलहाल, मोसाद के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह मामला दावों और प्रतिदावों के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील विषय बना हुआ है।
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