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PM मोदी ने जी20 समिट के बाद जोहान्सबर्ग छोड़ा, क्यों माना जा रहा है यह सम्मेलन बेहद महत्वपूर्ण—पूरा विवरण पढ़ें

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए. पीएम मोदी की दक्षिण अफ्रीका की यह तीन दिवसीय यात्रा बेहद खास मानी जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में पहले बार आयोजित हुए जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, ”जी-20 शिखर सम्मेलन में अपने कार्यक्रमों और विश्व नेताओं के साथ बैठकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग से रवाना हो गए.”

G-20 समिट को लेकर पीएम मोदी ने किया पोस्ट

वहीं, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में कहा, ”जोहान्सबर्ग में सफल जी-20 समिट एक समृद्ध और टिकाऊ ग्रह (धरती) के निर्माण में योगदान देगा. विश्व नेताओं के साथ मेरी बैठकें और बातचीत बहुत सार्थक रहीं और इनसे विभिन्न देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीका के अद्भुत लोगों, राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और दक्षिण अफ्रीक की सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं.”

दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं से मिले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने रविवार (23 नवंबर, 2025) को कनाडा के अपने समकक्ष मार्क कार्नी, जापान के प्रधानमंत्री साने ताकाइची, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, जमैका और नीदरलैंड के अपने समकक्षों से मुलाकात की. इसके साथ, मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ भी वार्ता की.

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के तीसरे सत्र को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का दुरुपयोग रोकने के लिए एक वैश्विक समझौते का आह्वान किया. मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग राष्ट्रीय के बजाय वैश्विक होने चाहिए और इन्हें विशिष्ट मॉडल के बजाय ओपन सोर्स पद्धति पर आधारित होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की जोरदार वकालत करते हुए कहा कि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (इब्सा) के त्रिपक्षीय मंच को यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि वैश्विक संस्था में बदलाव अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है.

मोदी ने शनिवार (22 नवंबर, 2025) को ब्रिटेन के अपने समकक्ष केअर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और विश्व के कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी.

विभिन्न देशों के नेताओं के पीएम मोदी की खास बातचीत

    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के अपने समकक्ष मार्क कार्नी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है.’ दोनों नेताओं ने रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में गहरे सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. इसके साथ ही व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई.

 

    • वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई. भारत-इटली सामरिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है, जिससे दोनों देशों के लोगों को बहुत लाभ मिल रहा है.’

 

    • जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 शिखर सम्मेलन के दौरान जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची से भी मुलाकात की और नवाचार, रक्षा और टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की.

 

पीएम मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में किया आह्वान

पीएम मोदी ने शनिवार (22 नवंबर) को जी-20 नेताओं की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक विकास मानदंडों पर गहन पुनर्विचार का आह्वान किया था और मादक पदार्थ-आतंकवाद गठजोड़ का मुकाबला करने के लिए जी-20 पहल और एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिक्रिया दल बनाने का प्रस्ताव रखा था.

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