Breaking News

केंद्र सरकार ने थालापति विजय की सुरक्षा बढ़ाई, Y श्रेणी की सुरक्षा दी गई, CRPF को सौंपी गई जिम्मेदारी।

दक्षिण भारती फिल्मों के अभिनेता और तमिझागा वेत्री कषगम पार्टी (TVK) पार्टी के प्रमुख थालापति विजय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने सी जोसेफ विजय को Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की VIP सिक्योरिटी ब्रांच ने थालापति विजय की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। सूत्रों ने मंगलवार को इस पूरे मामले के बारे में जानकारी दी है।

 

क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई खतरे की धारणा संबंधी रिपोर्ट थालापति विजय की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया गया था। हाल ही में CRPF ने विजय की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। सूत्रों के मुताबिक, विजय के साथ तमिलनाडु में यात्रा के दौरान सीआरपीएफ के 7 से 8 सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे।

2026 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेंगे विजय

थालापति विजय ने बीते साल फरवरी महीने में राजनीतिक पार्टी बनाई थी। विजय ने इसके साथ ही ऐलान किया था कि वह साल 2026 में होने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि थालापति विजय ने बीते साल इस साल हुए लोकसभा चुनाव में किसी भी गठबंधन या दल का समर्थन नहीं किया था।

क्या होती है वाई श्रेणी की सुरक्षा?

वाई श्रेणी की सुरक्षा में करीब 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इनमें दो पीएसओ (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किसी विशिष्ठ व्यक्ति की सुरक्षा का आकलन करने के बाद उन्हें उसी के आधार पर सुरक्षा कवर दिया जाता है। देश में चार चरणों में सुरक्षा सिस्‍टम बंटा हुआ है, जिसमें सबसे शीर्ष पर जेड प्‍लस (Z +) है, जबकि इसके बाद जेड, वाई और एक्‍स श्रेणी की सुरक्षाएं आती हैं।

About SFT-ADMIN

Check Also

इंडिगो मामले में सरकार ने लिया सख्त रुख, CEO एल्बर्स जांच समिति के सामने पेश; DGCA आज उनसे जवाब मांगने वाली है।

  एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने हाल ही में हुए इंडिगो संकट को लेकर कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स को शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को फिर से पेश होने के लिए कहा है. उसने फ्लाइट डिले को लेकर पूछताछ होनी है. पीटर एल्बर्ग गुरुवार (11 दिसंबर 2025) जांच कमेटी के सामने पेश हुए थे. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि इंडिगो के हालिया परिचालन संकट समस्याओं से भविष्य में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *