Breaking News

500% टैरिफ वाले रूस प्रतिबंध बिल को ट्रंप का समर्थन, भारत-चीन पर पड़ सकता है असर

अमेरिका में रूस के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े एक प्रस्तावित विधेयक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बिल में रूस से कच्चा तेल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले देशों के आयात पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखा गया है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो भारत और चीन जैसे देशों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि दोनों रूस से ऊर्जा आयात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हैं।

प्रस्तावित ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय को सीमित करना और यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में उस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है। इस विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार देने का प्रस्ताव है कि वे रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों से आने वाले कुछ आयात पर भारी शुल्क लगा सकें।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्तावित बिल का समर्थन करते हुए कहा है कि इसके कानून बनने की संभावना अच्छी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने का विकल्प अभी भी विचाराधीन है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस विधेयक के पक्ष में हैं। यह प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में पेश किया गया है और इसे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसदों का समर्थन मिला है। हालांकि, कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इसके कुछ प्रावधानों पर आपत्ति भी जताई है।

भारत के संदर्भ में देखा जाए तो हाल के महीनों में रूस से कच्चे तेल का आयात कुछ कम हुआ है, लेकिन देश अब भी रूसी तेल के प्रमुख खरीदारों में शामिल है। ऐसे में यदि यह विधेयक अमेरिकी संसद से पारित होकर कानून बनता है, तो भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों तथा ऊर्जा आयात पर इसका असर पड़ सकता है।

फिलहाल यह प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट में विचाराधीन है। इसके कानून बनने से पहले दोनों सदनों की मंजूरी और राष्ट्रपति की औपचारिक स्वीकृति आवश्यक होगी। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित 500 प्रतिशत टैरिफ कब और किस रूप में लागू होगा।

About SFT-ADMIN

Check Also

ईरान की शर्तों के आगे झुकेंगे ट्रंप? होर्मुज को लेकर अमेरिकी रणनीति पर बड़ा खुलासा

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने युद्ध …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *