मौसम बदलने का दौर अक्सर लोगों को राहत के साथ बीमारियां भी दे जाता है। तेज गर्मी के बाद जब बारिश से पहले हवा में नमी बढ़ती है और तापमान अचानक बदलने लगता है, तब शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि इस समय वायरल संक्रमण तेजी से फैलने लगते हैं।
हवा में बढ़ी नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव बैक्टीरिया और वायरस को तेजी से फैलने का मौका देते हैं। कई जगहों पर धूल, गंदा पानी और उमस बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। मौसम का यह बदलाव शरीर की इम्यूनिटी को भी कमजोर कर देता है, जिसके कारण लोग जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।
बदलते मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा?
बारिश से पहले दिन में तेज गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है। लोग अक्सर समझ नहीं पाते कि खानपान और कपड़ों में क्या बदलाव करें। कई बार ठंडी चीजें ज्यादा खाना, बाहर का खाना खाना या पहली बारिश में भीग जाना भी बीमारी की वजह बन जाता है।
इसी दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है क्योंकि कई जगहों पर पानी जमा हो जाता है। इससे संक्रमण फैलाने वाले कीटाणु तेजी से पनपते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
कौन-कौन सी बीमारियां ज्यादा फैलती हैं?
इस मौसम में सबसे ज्यादा वायरल फीवर, फ्लू, खांसी-जुकाम और गले के संक्रमण के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा सांस से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
Dengue Fever और Malaria जैसी बीमारियों का खतरा भी बारिश शुरू होने से पहले बढ़ जाता है। वहीं गंदा पानी या दूषित खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इस मौसम में ज्यादा जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही बाद में गंभीर परेशानी बन सकती है।
कैसे करें बचाव?
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें
- मच्छरों से बचाव के उपाय करें
- बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचें
- ताजा और हल्का भोजन करें
- पर्याप्त पानी पीते रहें
- फल और हरी सब्जियां नियमित खाएं
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
अगर लगातार बुखार, कमजोरी, खांसी या शरीर दर्द बना रहे तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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