अंडमान सागर में रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों को ले जा रही एक नाव के पलट जाने की खबर सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक करीब 9 लोगों को बचाया गया है, जबकि लगभग 250 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह नाव मलेशिया की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में लोग अवैध रूप से सवार थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नाव तेज हवाओं और अधिक भीड़ के कारण संतुलन खो बैठी और समुद्र में डूब गई।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने कहा है कि ऐसे हादसे अक्सर गलत सूचना और मानव तस्करी नेटवर्क के कारण होते हैं, जिनमें लोगों को विदेश में बेहतर जीवन और रोजगार का झूठा वादा करके खतरनाक समुद्री रास्तों से भेजा जाता है।
UNHCR के अनुसार, इस तरह की अवैध यात्राएं पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुकी हैं और बड़ी संख्या में लोग समुद्र में अपनी जान गंवा चुके हैं।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेशी कोस्ट गार्ड और राहत एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। बचाए गए लोगों ने बताया कि नाव में महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोग सवार थे और कई लोगों को बेहद तंग जगहों में रखा गया था।
पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में मानव तस्करी के मामले बढ़ते देखे जा रहे हैं, जहां लोगों को नौकरी और सुरक्षित जीवन का झांसा देकर समुद्री रास्तों से अन्य देशों में भेजा जाता है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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