लंबे समय तक प्रेग्नेंसी और बच्चे की सेहत से जुड़ी चर्चाओं में सबसे ज्यादा ध्यान मां की हेल्थ पर दिया जाता रहा है। पोषण, हार्मोन, स्कैन, विटामिन और प्रेग्नेंसी केयर को अहम माना गया, जबकि पिता की भूमिका को अक्सर सिर्फ भावनात्मक सहारे तक सीमित समझा गया। लेकिन अब नई रिसर्च और मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले बच्चे की सेहत पर पिता की उम्र, लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य का भी बड़ा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्भधारण से पहले पिता की शारीरिक और मानसिक स्थिति बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकती है। वैज्ञानिक रिसर्च में यह देखा गया है कि पिता की बढ़ती उम्र, तनाव, स्मोकिंग, शराब की आदत, खराब नींद और प्रदूषण के संपर्क का असर स्पर्म की गुणवत्ता पर पड़ सकता है, जो आगे चलकर बच्चे की हेल्थ से जुड़ सकता है।
ज्यादा उम्र में पिता बनने पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हाल के वर्षों में एडवांस्ड पैटरनल एज यानी अधिक उम्र में पिता बनने को लेकर कई स्टडी सामने आई हैं। रिसर्च में पाया गया है कि 45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों के बच्चों में कुछ न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं और Autism Spectrum Disorder का जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ स्पर्म में छोटे-छोटे जेनेटिक बदलाव हो सकते हैं, जो बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि डॉक्टर यह भी साफ करते हैं कि इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा उम्र में पिता बनने पर बच्चे को निश्चित रूप से कोई समस्या होगी। यह केवल संभावित जोखिम से जुड़ा पैटर्न माना जाता है।
लाइफस्टाइल भी निभाती है बड़ी भूमिका
डॉक्टरों के मुताबिक सिर्फ उम्र ही नहीं, बल्कि पिता की दिनचर्या और आदतें भी बेहद अहम हैं। धूम्रपान और शराब का सेवन स्पर्म की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। वहीं मोटापा, तनाव, नींद की कमी और प्रदूषण जैसी चीजें शरीर की एपिजेनेटिक प्रक्रिया पर असर डाल सकती हैं, जो यह तय करती है कि जीन शरीर में कैसे काम करेंगे।
बार-बार तनाव में रहना और असंतुलित जीवनशैली अपनाना प्रजनन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हेल्दी लाइफस्टाइल न केवल पिता की सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की बेहतर हेल्थ के लिए भी अहम हो सकती है।
हेल्दी फैमिली प्लानिंग के लिए क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भधारण की योजना बनाने से पहले पुरुषों को भी अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए।
- संतुलित और पौष्टिक भोजन लें
- नियमित और पर्याप्त नींद लें
- तनाव कम करने की कोशिश करें
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
- नियमित व्यायाम करें
- प्रदूषण और खराब लाइफस्टाइल से बचें
डॉक्टरों का कहना है कि स्वस्थ माता-पिता ही स्वस्थ आने वाली पीढ़ी की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं।
नोट: यह जानकारी मेडिकल रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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