Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि United States और Iran के बीच चल रही बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बातचीत उम्मीद से ज्यादा लंबी खिंच रही है।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह क्षेत्र में बड़े युद्ध की बजाय सीमित तनाव की स्थिति को बेहतर मानते हैं। उनके मुताबिक अगर कूटनीतिक कोशिशें सफल नहीं होतीं, तो अमेरिका दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
असीम मुनीर के ईरान दौरे की चर्चा तेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि Asim Munir जल्द ही तेहरान का दौरा कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख समझौते के अंतिम चरण से जुड़े घटनाक्रमों के दौरान ईरान पहुंच सकते हैं। हालांकि इस संभावित दौरे को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
“ईरान में बढ़ रहा असंतोष”
Donald Trump ने दावा किया कि ईरान में आर्थिक और सामाजिक हालात को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वहां जनता कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है और असंतोष पहले की तुलना में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ऐसी किसी स्थिति से बचना चाहते हैं जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो। उनके मुताबिक कम नुकसान वाला समाधान हमेशा बेहतर रहेगा।
पुराने युद्धों का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान ट्रंप ने War in Afghanistan, Iraq War और कोरिया में लंबे समय तक चली अमेरिकी सैन्य तैनाती का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि पिछले युद्धों की तुलना में हाल के अभियानों में अमेरिकी सैनिकों की कम जान गई है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने बिना लंबे सैन्य कब्जे के भी कई रणनीतिक सफलताएं हासिल की हैं। हालांकि उन्होंने अपने इस दावे पर ज्यादा विस्तार से जानकारी नहीं दी।
मध्य पूर्व पर टिकी दुनिया की नजर
Iran और United States के बीच जारी बातचीत को लेकर पूरी दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर टिकी हुई हैं। यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो इसका असर क्षेत्रीय राजनीति, तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
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